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यजीदी लड़कियों को गुलाम बनाकर खुले में गैंगरेप करते थे इस्लामी आतंकी

क्या उनका ‘धर्म’ यही करने को कहता है? असल में वे उस धर्म के सिद्धांतो के ही कट्टर विरोधी है जिसके लिए जाहीरा तौर पर गिरोहबंध हुए है. जब विपरीत धर्म वाले कोई गलत कारनामा करते है तो उनकी खिलाफत और अपने ही धर्म के नाम पर अपने धर्म के सिद्धांतों के खिलाफ किये जा रहे कुकृत्यों पर ख़ामोशी क्यों?

लम्बे समय बलात्कार और गुलामी से मुक्त महिलाओं की दर्द भरी दास्तान
सीरिया के रक्का में पिछले सप्ताह इस्लामिक स्टेट से मुक्त हुई यजीदी युवतियों और महिलाओं के साथ हुई खौफनाक ज्यादती सामने आने से उनके ‘जेहाद’ का असली रूप सामने आया हैं। महिलाओं ने खुलासा किया है कि इस्लामिक आतंकी उनके साथ सरेआम बर्बरतापूर्वक गैंगरेप करते थे। सिंजार कस्बे से आठ महीने पहले सैकड़ों महिलाओं को अपहरण किया गयाऔर इनके साथ इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने जमकर बलात्कार और क्रूरता की। अपहरण करके सामूहिक बलात्कार की शिकार कई बच्चे वाली महिलाओं भी है लेकिन कौमी जिहादी आतंकियों ने इन महिलाओं को भी नहीं बक्शा। आतंकियों के कब्जे से छूटकर आने के बाद यह असलियत सामने आई है कि अपहरण के बाद इन महिलाओं को आतंकियों ने अपना व्यभिचार शांत करने के लिए सेक्स स्लेव बनाकर रखा था। कुकर्मी आतंकियों ने सामूहिक बलत्कार के बाद कई महिलाओं का धर्म परिवर्तन करवा कर अपना खुद का ‘धर्म’ भी स्वीकार करवाया गया। महिलाओं के बयानों और आपबीति से तो यही लगता है कि ये क्रूर शैतान अपने इसी ‘धर्म’ के लिए कर रहे है. इन शैतानों के अधर्म के अलावा आखिर कौनसा ऐसा धर्म है जो सामूहिक बलात्कार करने और फिर अपना धर्म मानने के लिए कहता है? सिर्फ अपनी सुख सुविधा और शैतानियत के लिए ये लोग इस्लाम को बदनाम कर रहे है और इस्लाम के नाम पर इस्लाम के खिलाफ चल रहे है.

सरेआम सामूहिक बलात्कार
यजीदी पीड़ित महिलाओं की सहायता करने वाले संगठन ‘यजदा ऑर्गनाइजेशन’ के अनुसार कई बच्चों को उनके मां से अलग कर मोसुल और ताल अफर कस्बों में बांट दिया था। हर लड़की के साथ आतंकियों ने दर्दनाक हरकते की है। कई लड़कियों को इस्लामी लड़ाकों को बेच दिया था और बाद में वे उनके साथ जानवरों से भी बदतर सलूक करते। आतंकी इन युवतियों और महिलाओं के साथ बंद कमरों की बजाय सार्वजनिक तौर पर सबके सामने बलात्कार करते थे। बलात्कार के साथ इनको बुरी तरह मारा-पीटा भी जाता था और इनको कई तरह की यातनाएं दी जाती थीं। यहाँ तक कि आतंकी उन से जबरदस्ती खून देने के लिए भी दबाव डालते थे।

एमनेस्टी की रिपोर्ट में भी उजागर हुई है आतंकियों की असलियत
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने नवंबर 2014 में आईएसआईएस द्वारा सेक्स स्लेव बनाई गई यजीदी महिलाओं पर रिपोर्ट तैयार कर जारी की। जिसमें बताया गया था कि लड़कियों के साथ कई बार बलात्कार किया गया और उन्हें कामवासना पूरी करने के लिए जबरन गुलाम (सेक्स स्लेव) बनाया गया। रिपोर्ट में यह भी लिखा गया है कि बच्चों को आईएसआईएस के लिए फाइटर बनाने के लिए बेच दिया जाता था। आईएसआईएस आतंकी यजीदी समुदाय को काफिर मानते हैं। वे यजीदियों की खरीद-फरोख्त को इस्लामिक कायदे का हिस्सा मानते हैं।
आखिर इस मामले पर धर्म के नाम पर बोलने वाले इस्लामी क्यों चुप है?

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